संवाददाता संचिता सुषमा वाल्के 

रिज़र्व बैंक स्थापना दिवस: इतिहास, स्थापना और पूरी कहानी

भारत की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली संस्था Reserve Bank of India (RBI) का स्थापना दिवस हर वर्ष 1 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन देश की बैंकिंग प्रणाली के विकास और आर्थिक स्थिरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम की याद दिलाता है।

स्थापना की पृष्ठभूमि: क्यों पड़ी जरूरत?

ब्रिटिश काल में भारत की अर्थव्यवस्था बिखरी हुई थी और बैंकिंग व्यवस्था संगठित नहीं थी। मुद्रा नियंत्रण, महंगाई और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए एक केंद्रीय बैंक की जरूरत महसूस की गई। इसी उद्देश्य से Reserve Bank of India Act 1934 बनाया गया, जिसके आधार पर RBI की स्थापना का रास्ता साफ हुआ।

 RBI की स्थापना किसने की?

 RBI की स्थापना ब्रिटिश भारत सरकार ने की थी।

यह किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि एक कानूनी प्रक्रिया के तहत स्थापित संस्था है। हालांकि, इसके पीछे विचारधारा और बौद्धिक योगदान में Dr. B. R. Ambedkar का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “The Problem of the Rupee” में भारत के लिए एक सशक्त केंद्रीय बैंक की 

                                          

आवश्यकता पर जोर दिया था

अंततः RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को हुई। शुरुआती दौर और विकास शुरुआत में RBI का मुख्यालय कोलकाता में था
1937 में इसे मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया

पहले गवर्नर: Sir Osborne Smith

आजादी के बाद 1949 में RBI का राष्ट्रीयकरण किया गया, जिससे यह पूरी तरह भारत सरकार के नियंत्रण में आ गया। RBI के प्रमुख कार्य RBI देश की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य करता है:

 मुद्रा जारी करना (नोट छापना)

 मौद्रिक नीति बनाना (महंगाई नियंत्रण)

 बैंकों की निगरानी और नियमन

 विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन
 
डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देना

आज के समय में RBI का महत्व

आज RBI केवल एक बैंक नहीं, बल्कि देश की आर्थिक सुरक्षा का संरक्षक है। यह महंगाई को नियंत्रित करता है, वित्तीय संकटों से निपटता है और देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखता है। कोविड-19 जैसे कठिन समय में RBI ने कई महत्वपूर्ण फैसले लेकर अर्थव्यवस्था को सहारा दिया। रिज़र्व बैंक स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक दिन नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक मजबूती और स्थिरता की कहानी है।

किसने स्थापना की?

ब्रिटिश भारत सरकार द्वारा RBI Act 1934 के तहत 1 अप्रैल 1935 को शुरू  क्यों महत्वपूर्ण है? क्योंकि एक मजबूत केंद्रीय बैंक ही एक मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव होता है। RBI आज भी भारत की आर्थिक दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभा रहा है।